
मुंबई इंडियंस की ऑलराउंड ताकत का दिल्ली कैपिटल्स पर कहर
वानखेड़े स्टेडियम में बुधवार (21 मई) की रात मुंबई इंडियंस ने दिखा दिया कि क्यों उन्हें आईपीएल की सबसे सफल टीमों में गिना जाता है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में मुंबई ने हर विभाग में अपना दबदबा दिखाया – बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और रणनीति – तीनों में वो पूरी तरह हावी रहे।

दिल्ली के कार्यवाहक कप्तान फाफ डू प्लेसिस ने मुकाबले को “डेविड और गोलियत” की लड़ाई बताया, और इस बार ‘गोलियत’ यानी मुंबई इंडियंस ने बाज़ी मारी। उनके अनुसार, दिल्ली की टीम पहले से ही अपने नियमित कप्तान अक्षर पटेल की अनुपस्थिति में कमजोर नज़र आ रही थी। अक्षर के बारे में डू प्लेसिस ने कहा, “वो एक नहीं दो खिलाड़ी हैं – शानदार स्पिनर और उपयोगी बल्लेबाज।”

सधी हुई बल्लेबाज़ी, रणनीति से भरपूर प्रदर्शन
मुंबई की बल्लेबाज़ी शुरुआत में धीमी जरूर रही, लेकिन उनका लक्ष्य स्पष्ट था – विकेट बचाकर अंत में हमला करना। 18 ओवर तक स्कोर था 132/5, लेकिन अंतिम दो ओवरों में सूर्यकुमार यादव और युवा बल्लेबाज नमन धीर ने 48 रन जोड़कर मैच का रुख ही पलट दिया। सूर्या 43 गेंदों पर नाबाद 73 रन बनाकर लौटे – सीजन की उनकी सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक।

सूर्यकुमार ने मैच के बाद कहा, “हम जानते थे कि एक ओवर 15-20 रन का आएगा, बस हमें वहां तक टिके रहना था। नमन ने आकर जिस ऊर्जा के साथ बल्लेबाज़ी की, उसने टीम को नई दिशा दी।”
दिल्ली की रणनीतिक चूक
दिल्ली के मुख्य कोच हेमांग बदानी ने माना कि अंत के दो ओवरों ने खेल पलट दिया। “48 रन दो ओवरों में देना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है। हमें पिच को बेहतर समझकर गेंदबाज़ी करनी चाहिए थी – जैसे स्लोअर बॉल्स, वाइड यॉर्कर वगैरह,” उन्होंने कहा। अंतिम दो ओवरों की गेंदबाज़ी मुकेश कुमार और चमेरे ने की, लेकिन वो उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।

गेंदबाज़ों का जलवा – सैंटनर की चतुराई
181 रनों का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम मुंबई की तेज़ और स्पिन मिश्रित गेंदबाज़ी के सामने बिखर गई। जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट के साथ-साथ मिचेल सैंटनर ने शानदार प्रदर्शन किया। सैंटनर ने 4 ओवरों में सिर्फ 11 रन देकर 3 विकेट झटके और बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान करते रहे।
“मेरा काम था कि मैं लेंथ और स्पीड में बदलाव करूं ताकि बल्लेबाज़ कंफ्यूज रहे,” सैंटनर ने कहा। उन्होंने जीत का श्रेय सूर्यकुमार और नमन को देते हुए कहा, “जिस तरह से उन्होंने अंत में बल्लेबाज़ी की, उसी ने हमें मैच में बढ़त दिलाई।”

नए तेवर, नया आत्मविश्वास
मुंबई इंडियंस के लिए यह जीत केवल अंक तालिका में एक कदम आगे बढ़ने का संकेत नहीं, बल्कि एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक भी है। पिछला सीजन जहां टीम सबसे नीचे रही, वहीं अब वे 18 में से 11वीं बार प्लेऑफ में पहुंच चुके हैं। टीम में वो धार नज़र आ रही है, जिससे बाकी टीमें – जैसे RCB, GT और PBKS – अब सचेत हो चुकी होंगी।
कुल मिलाकर, यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं था, बल्कि एक बयान था – मुंबई इंडियंस वापस आ चुकी है, और इस बार वह पूरी ताकत के साथ मैदान में है।

