Mukul Dev Death 2025: मुकुल देव निधन 2025:
प्रसिद्ध अभिनेता मुकुल देव का 23 मई 2025 को 54 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी मृत्यु ने भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग में शोक की लहर दौड़ा दी है। मुकुल देव ने हिंदी, पंजाबी, तेलुगु, बंगाली, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों के साथ-साथ टेलीविजन धारावाहिकों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी बहुआयामी प्रतिभा और विविध भूमिकाओं ने उन्हें एक विशिष्ट अभिनेता के रूप में स्थापित किया।

प्रारंभिक जीवन और करियर की शुरुआत
मुकुल देव का जन्म 17 सितंबर 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता, हरि देव, दिल्ली पुलिस में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत थे और उन्हें बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

मुकुल ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से पायलट की ट्रेनिंग ली थी, लेकिन अभिनय के प्रति उनके जुनून ने उन्हें मनोरंजन उद्योग की ओर आकर्षित किया। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1996 में फिल्म “दस्तक” से की, जिसमें उन्होंने एसीपी रोहित मल्होत्रा की भूमिका निभाई। इस फिल्म में मिस यूनिवर्स 1994 सुष्मिता सेन ने भी अभिनय किया था। Mukul dev with brother

बहुआयामी अभिनय यात्रा
मुकुल देव ने अपने करियर में विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में काम किया। हिंदी फिल्मों में “वजूद”, “कोहराम”, “यमला पगला दीवाना”, “सन ऑफ सरदार”, “जय हो” और “आर… राजकुमार” जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया। उन्होंने पंजाबी, तेलुगु, बंगाली, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उनकी बहुभाषी फिल्मोग्राफी उनकी अभिनय क्षमता और विविधता को दर्शाती है।

टेलीविजन और अन्य परियोजनाएं
मुकुल देव ने टेलीविजन पर भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने “कहानी घर घर की”, “कहीं दिया जले कहीं जिया”, “कुटुंब”, “कसक”, “क. स्ट्रीट पाली हिल” जैसे धारावाहिकों में अभिनय किया। वह “फियर फैक्टर इंडिया” के पहले सीजन के होस्ट भी रहे। इसके अलावा, उन्होंने “स्टेट ऑफ सीज: 26/11” जैसी वेब सीरीज में भी काम किया।

व्यक्तिगत जीवन और संघर्ष
मुकुल देव का व्यक्तिगत जीवन कई चुनौतियों से भरा रहा। 2005 में उनकी पत्नी शिल्पा देव उनसे अलग हो गईं और उनकी बेटी सिया को भी अपने साथ ले गईं। इसके बाद, उनके माता-पिता का निधन हो गया, जिससे वे गहरे अवसाद में चले गए। विंदु दारा सिंह ने खुलासा किया कि मुकुल अपनी मां की मृत्यु के बाद से ही अवसाद से जूझ रहे थे। वे सामाजिक रूप से भी अलग-थलग हो गए थे और दोस्तों से संपर्क कम कर दिया था।

मुकुल देव का निधन फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे न केवल एक कुशल अभिनेता थे, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी थे, जिन्होंने हर भूमिका में अपनी गहराई और सच्चाई से जान फूंकी। उनके प्रशंसक आज भी उन्हें “वजूद”, “सन ऑफ सरदार” और “आर… राजकुमार” जैसी फिल्मों में निभाई गई भूमिकाओं के लिए याद करते हैं। उनके जाने से एक ऐसा कलाकार खो गया है, जिसने हर चरित्र को जीवंत बना दिया था।
निधन और श्रद्धांजलि
मुकुल देव का निधन 23 मई 2025 को नई दिल्ली में हुआ। वे कुछ समय से बीमार थे और हाल ही में आईसीयू में भर्ती थे। उनकी मृत्यु की खबर से फिल्म और टेलीविजन उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई। अजय देवगन, राहुल देव और अन्य कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुकुल देव का जीवन और करियर एक प्रेरणा है कि कैसे एक व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकता है। उनकी बहुआयामी प्रतिभा, अभिनय क्षमता और संघर्षशीलता उन्हें हमेशा यादगार बनाए रखेगी।


