January 11, 2026

Bold Revelation: “I Am A Simple Buddhist Monk” – Dalai Lama’s Profound Message on His 90th Birthday.दृढ़ उद्घाटन: “मैं एक साधारण बौद्ध भिक्षु हूं” – 90वें जन्मदिन पर दलाई लामा का गहरा संदेश

🙏 “मैं एक साधारण बौद्ध भिक्षु हूं” – 90 साल के दलाई लामा का नम्र लेकिन शक्तिशाली संदेश

6 जुलाई 2025 को धर्मशाला में अपने 90वें जन्मदिन पर तेनज़िन ग्यात्सो, यानी 14वें दलाई लामा ने कहा: “I am a simple Buddhist monk”। यह सिर्फ एक वाक्य नहीं था, बल्कि उनके जीवन और सोच का सार था।

वे न तो किसी दिखावे के पक्षधर हैं, न ही व्यक्तिगत महोत्सवों में विश्वास रखते हैं। फिर भी, उन्होंने इस अवसर का उपयोग मानवता, करुणा और आंतरिक शांति के लिए संदेश देने में किया।

“While it is important to work for material development, it is vital to focus on achieving peace of mind through cultivating a good heart and by being compassionate, not just toward near and dear ones, but toward everyone.”

I am a simple Buddhist monk
I am a simple Buddhist monk

दलाई लामा का मुख्य संदेश: करुणा, शांति और धार्मिक सौहार्द

उन्होंने अपने भाषण में 4 मूल बातें सामने रखीं:

मानव मूल्यों का संवर्धन

धार्मिक सौहार्द को बढ़ावा

प्राचीन भारतीय और तिब्बती ज्ञान का संरक्षण

Peace of mind” और “Compassion” की भावना

इन सभी बातों को उन्होंनेI am a simple Buddhist monk कहकर संक्षेप में प्रस्तुत किया।

चीन से टकराव और उत्तराधिकारी का मुद्दा

दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी को लेकर स्पष्ट किया कि:

अगला दलाई लामा Gaden Phodrang Trust के जरिए ही चुना जाएगा।

चीन इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

यह धार्मिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय का विषय है।

“No one else, including China, has the authority to select the next Dalai Lama.”

 

इस बयान ने वैश्विक ध्यान खींचा और चीन-तिब्बत विवाद पर एक नई चर्चा को जन्म दिया।

वैश्विक स्तर पर जन्मदिन का उत्सव

इस शुभ अवसर पर दुनियाभर से श्रद्धालु, नेता और हस्तियाँ धर्मशाला पहुंचे:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “प्रेम और धैर्य का प्रतीक” बताया।

हॉलीवुड एक्टर Richard Gere ने कहा – “He is the most extraordinary man to ever walk on this planet.”

नेपाल, यूरोप और अमेरिका में तिब्बती समुदाय ने भी भव्य आयोजन किए।

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दीर्घायु की आकांक्षा और सेवा का संकल्प

दलाई लामा ने कहा कि वे चाहते हैं कि वे 130 साल तक जीवित रहें, ताकि अधिक समय तक मानवता की सेवा कर सकें।

“As long as space endures… may I too remain to dispel the miseries of the world.”

 

उनका यह कथन न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि आध्यात्मिक शक्ति से भरा हुआ है।

क्यों “I am a simple Buddhist monk” इतना महत्वपूर्ण है?

यह वाक्य उनके पूरे जीवन के सार को दर्शाता है:

प्रसिद्धि से दूर रहकर सच्ची सेवा का मार्ग

धर्म के नाम पर झगड़ों की बजाय करुणा की सीख

आंतरिक शांति और संयम की ओर इशारा

इस एक वाक्य में इतनी गहराई है कि यह आधुनिक जीवन की दौड़ में खोए लोगों के लिए एक आईना बन सकता है।

🔚 निष्कर्ष:- एक साधारण वाक्य, असाधारण प्रेरणा

दलाई लामा का “I am a simple Buddhist monk” कहना सिर्फ उनके बारे में नहीं, बल्कि पूरे विश्व को यह सिखाने का प्रयास है कि:

सच्चा सम्मान विनम्रता में है

असली शक्ति शांति में है

और सच्चा धर्म, करुणा और सेवा में है

90 वर्ष की उम्र में भी उनका जीवन एक उदाहरण है — विनम्रता, त्याग और वैश्विक भाईचारे का।

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