Barkha Madan Buddhist Monk-बॉलीवुड छोड़ बौद्ध भिक्षु बनीं बरखा मदान: 10 चौंकाने वाले तथ्य जो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगे
Barkha Madan Buddhist Monk की कहानी एक ऐसी प्रेरणा है जो दिखाती है कि सच्ची शांति ग्लैमर नहीं, आत्मा की खोज में मिलती है। एक समय की सुपरमॉडल और अभिनेत्री बरखा मदान ने शोहरत और सफलता के शिखर को छूने के बाद अचानक पूरी फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया और बन गईं एक Barkha Madan Buddhist Monk।
1. मिस इंडिया प्रतियोगिता से शुरुआत
बरखा मदान ने 1994 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में भाग लिया था, जहाँ उन्होंने ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन जैसी खूबसूरत और मशहूर महिलाओं के साथ मंच साझा किया। इस प्रतियोगिता में उन्हें “मिस टूरिज्म इंडिया” का खिताब मिला और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मलेशिया में तीसरा स्थान हासिल किया।

2. बॉलीवुड में धमाकेदार एंट्री
बरखा ने 1996 में रिलीज़ हुई हिट फिल्म ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ में अक्षय कुमार, रेखा और रवीना टंडन के साथ काम किया। इसके बाद उन्होंने ‘भूत’, ‘1857 क्रांति’, ‘सात फेरे’, और ‘न्याय’ जैसे सीरियल्स में भी अभिनय किया।
3. हर सफलता के पीछे छिपी बेचैनी
हालांकि उनका करियर बुलंदियों पर था, लेकिन उनके मन में हमेशा एक सवाल गूंजता था—”क्या यही जीवन है?” Barkha Madan Buddhist Monk बनने का बीज यहीं से अंकुरित हुआ।
4. दलाई लामा से मिली प्रेरणा
बरखा लंबे समय से दलाई लामा की शिक्षाओं से प्रभावित थीं। उन्होंने कई बौद्ध ग्रंथ पढ़े और आंतरिक शांति की तलाश शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बनाना शुरू कर दिया।

5. 2012 में लिया बड़ा फैसला
साल 2012 में बरखा मदान ने एक साहसिक निर्णय लिया—बॉलीवुड, मॉडलिंग और टीवी को पूरी तरह अलविदा कहा और बन गईं एक Barkha Madan Buddhist Monk। यह निर्णय करोड़ों लोगों के लिए चौंकाने वाला था।
6. नाम भी बदल दिया
बरखा ने अपने नए जीवन के साथ अपना नाम भी त्याग दिया। अब वे बरखा नहीं रहीं, वे बन गईं ग्यालटेन समतेन। यह केवल नाम का परिवर्तन नहीं था, यह आत्मा के पुनर्जन्म जैसा था।
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7. सादगी भरा जीवन
अब ग्यालटेन समतेन हिमाचल और लद्दाख जैसे शांत इलाकों में एक बौद्ध भिक्षु के रूप में जीवन जी रही हैं। न मेकअप, न कैमरा, न स्क्रिप्ट। केवल ध्यान, साधना और सेवा का मार्ग।
8. फिल्मों से मिली ख्याति
‘भूत’ में आत्मा मंजीत के किरदार ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई थी। दर्शकों ने उनके अभिनय की खूब सराहना की, लेकिन उन्हें सच्ची संतुष्टि अभिनय में नहीं बल्कि साधना में मिली।
9. समाज के लिए संदेश
बरखा का जीवन संदेश देता है कि सच्ची खुशी बाहर नहीं, भीतर है। Barkha Madan Buddhist Monk बनकर उन्होंने ये साबित कर दिया कि आत्मा की शांति ग्लैमर की चमक से कहीं अधिक मूल्यवान है।
10. प्रेरणा का स्रोत
आज बरखा मदान लाखों लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं। उन्होंने दिखाया कि जीवन का उद्देश्य केवल प्रसिद्धि या पैसा नहीं होता, बल्कि आत्मा की खोज और सच्ची शांति है।
Barkha Madan Buddhist Monk की यह यात्रा एक मिसाल है उन सभी के लिए जो अपने भीतर की आवाज को सुनने का साहस रखते हैं।

