
🇺🇸 H-1B वीज़ा के $100,000 फीस पर USCIS का बड़ा बयान: हर किसी को नहीं देनी होगी यह राशि
हाल ही में अमेरिका के U.S. Citizenship and Immigration Services (USCIS) ने $100,000 की भारी H-1B वीज़ा फीस पर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। कई लोगों में यह भ्रम था कि यह फीस हर H-1B आवेदक को देनी पड़ेगी — लेकिन अब USCIS ने साफ कर दिया है कि यह फीस सभी पर लागू नहीं होगी।
यह नई फीस क्या है?
सितंबर 2025 में साइन हुए एक राष्ट्रपति आदेश के तहत कुछ नई H-1B वीज़ा फाइलिंग पर एक-मुश्त $100,000 की फीस लगाई गई है।
यह फीस सालाना नहीं बल्कि एक बार की भुगतान राशि (one-time fee) है।
यह नियम 21 सितंबर 2025 से लागू हुआ है।
किसे यह फीस देनी होगी?
USCIS के अनुसार, यह फीस केवल उन्हीं मामलों में लागू होती है जब —
नया H-1B वीज़ा आवेदन किसी ऐसे उम्मीदवार के लिए फाइल किया जाए जो उस समय अमेरिका से बाहर हो।
आवेदन 21 सितंबर 2025 या उसके बाद फाइल किया गया हो।
यह नियम cap-subject और cap-exempt दोनों तरह के H-1B petitions पर लागू हो सकता है (जैसे यूनिवर्सिटी या नॉन-प्रॉफिट संस्थान) अगर उम्मीदवार विदेश में हो।
कौन लोग इस फीस से मुक्त हैं?
USCIS ने कई कैटेगरी को इस $100,000 फीस से बाहर रखा है:
जिनकी H-1B वीज़ा याचिका (petition) 21 सितंबर 2025 से पहले दायर की गई है।
जो उम्मीदवार पहले से अमेरिका में H-1B स्टेटस पर काम कर रहे हैं।
H-1B renewal, extension या transfer के मामले (जैसे एक नियोक्ता से दूसरे नियोक्ता के पास जाना)।
F-1 स्टूडेंट वीज़ा धारक जो अमेरिका में रहते हुए H-1B स्टेटस में बदलते हैं — उन्हें यह फीस नहीं देनी होगी।
इसका मतलब है कि अमेरिका के भीतर रह रहे ज़्यादातर प्रोफेशनल्स, खासकर भारतीय IT और टेक सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी, इस फीस से पूरी तरह सुरक्षित हैं।
किन मामलों में अभी भी भ्रम है?
कई इमिग्रेशन वकीलों ने यह ध्यान दिलाया है कि अभी कुछ ग्रे एरिया बाकी हैं, जैसे:
अगर कोई व्यक्ति पहले से H-1B पर है लेकिन विदेश यात्रा के बाद दोबारा वीज़ा स्टैंपिंग करवाता है, तो क्या फीस लागू होगी?
यह फीस कब वसूली जाएगी — फाइलिंग के समय या वीज़ा इंटरव्यू के समय?
USCIS ने संकेत दिया है कि इन सवालों पर आगे और दिशानिर्देश जारी होंगे।
🇮🇳 भारतीय आवेदकों के लिए राहत की खबर
भारत से हर साल हजारों पेशेवर H-1B वीज़ा के लिए आवेदन करते हैं। इस नए नियम से शुरुआती डर था कि भारतीय कंपनियों और कर्मचारियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा, लेकिन अब USCIS के बयान के बाद यह डर खत्म हो गया है।
केवल नए और विदेश में मौजूद आवेदकों को ही यह फीस देनी होगी — अमेरिका में पहले से काम कर रहे भारतीय पेशेवरों को नहीं।
निष्कर्ष (Conclusion)
USCIS की यह स्पष्टता आवेदकों के लिए राहत लेकर आई है।
सारांश में याद रखें:
| स्थिति | $100,000 फीस देनी होगी? |
|---|---|
| नया आवेदन, उम्मीदवार विदेश में | ✅ हाँ |
| अमेरिका में H-1B renewal या transfer | ❌ नहीं |
| H-1B पहले से जारी, यात्रा कर वापस आना | ❌ नहीं (अभी अस्पष्टता है) |
| F-1 से H-1B स्टेटस चेंज (अंदर से) | ❌ नहीं |
👉 कुल मिलाकर, हर आवेदक को यह फीस नहीं देनी है।
सिर्फ वही आवेदन जिनमें उम्मीदवार विदेश में हों और आवेदन 21 सितंबर 2025 के बाद किया गया हो, उन पर यह फीस लागू होगी।
